गृहमंत्रालय का राज्यों को आदेश, जहां कोरोना नियम टूटे वहां लगा दिया जाए लॉकडाउन.

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कोरोना की दूसरी लहर के मंद पड़ते ही लोग बाजारों और पर्यटन स्थलों में उमड़ रहे हैं। मास्क और सोशल डिस्टेंशिंग जैसे नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्र सरकार और खुद प्रधानमंत्री की ओर से अपील किए जाने के बाद कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है। ऐसे में अब गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि जिन स्थानों पर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, वहां फिर से पाबंदियां लगा दी जाएं। गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से लिखे गए लेटर में पहाड़ों पर पर्यटकों की भीड़ का भी जिक्र किया गया है।

मुख्य सचिवों के नाम लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि एक्टिव केसों में गिरावट के साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने धीरे-धीरे गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी है। जैसा कि 19 जून को आदेश में भी कहा गया था, इस बात को दोहाराया जा रहा है कि प्रतिबंधों में छूट सावधानी पूर्वक दें। 

लेटर में आगे कहा गया है कि देश के कई हिस्सों में कोरोना नियमों का उल्लंघन देखा जा रहा है। खासकर सार्वजनिक परिवहन और पहाड़ी क्षेत्रों में। बाजारों में भी भीड़ उमड़ रही है और सोशल डिस्टेंशिंग जैसे नियमों की अनदेखी हो रही है। इस बीच कुछ राज्यों में R फैक्टर (रीप्रोडेक्शन नंबर) में वृद्धि चिंता की वजह है आप जानते हैं कि 1.0 से अधिक R फैक्टर कोरोना फैलाव की ओर संकेत करता है। इसलिए यह अहम है कि सभी भीड़ वाले स्थानों जैसे दुकानों, मॉल्स, बाजार, मार्केट कॉम्पलेक्स, साप्ताहिक बाजार, रेस्टोरेंट, बार, मंडी, बस स्टेशन, रेलवे प्लैटफॉर्म, पार्कों, जिम, मैरिज ह़ल, स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स आदि में कोरोना नियमों का पालन कराया जाए। 

अडवाइजरी में कहा है, यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस प्रतिष्ठान, परिसर या बाजार आदि में कोरोना से बचाव को लेकर बताए गए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है वहां दोबारा प्रतिबंध लगा दिए जाएं, ताकि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। इसके अलावा सख्त कानूनी कार्रवाई भी करने को कहा गया है। राज्यों को सलाह दी गई है कि 'दवाई भी, कड़ाई भी' मंत्र का पालन करते हुए टेस्टिंग में कमी ना आने दी जाए। संक्रमण में कमी के बावजूद किसी भी तरह की ढिलाई से बचते हुए संभावित आगामी लहरों को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा गया है।