अचानक मैदान में उड़ने लगे 500 और 1000 के नोट, सच्चाई जान कर पुलिस भी हो गयी हैरान

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जरा सोचिए यदि आप मैदान में टहलने, खेलने या पिकनिक मनाने जाएं और अचानक नोट उड़ते हुए दिखें तो ? आपको लगेगा हम कोई सपना सुना रहे हैं, मगर यह सपना नहीं हकीकत है। दरअसल केरला के पलक्कड़ जिले (Palakkad District) के कोट्टाय में उस वक्त सब हैरान हो गए जब एक खेल के मैदान से पैसे उड़ने की खबर आने लगी। बता दें यह नोट पुराने 500 और 1000 के थें जो कि अब बंद हो चुके हैं। इन नोटों पर सबसे पहले नज़र वहां खेल रहे बच्चों की पड़ी, बच्चों ने सूझ-बूझ दिखाते हुए इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। मगर जब पुलिस ने इस पूरे मामले की छानबीन की तो सच्चाई ने सब को हैरान कर दिया।

एक बूढ़ी महिला ने सुखाने में लिए मैदान में डाले थे पैसे

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह नोट केरल के पल्लकड़ में रहने वाली एक 80 साल की बुजुर्ग महिला के थे। इन बुजुर्ग महिला के पास से ही 500 और 1000 के पुराने नोट भी बरामद किए गए हैं। दरअसल बूढ़ी महिला के पैसे किसी कारणवश बारिश में भीग गए थे इन्हीं को सुखाने के लिए उन्होंने पैसे मैदान में रख दिये थे। गौरतलब है कि आज से चार साल पहले यानी की 2016 में सरकार द्वारा नोटबन्दी की गई थी जिसमें पुराने 500 और 1000 के नोटों को सरकार ने अमान्य घोषित कर दिया था।

पुलिस की टीम जब पूरे मामले की छानबीन करने के लिए पहुंची तो उन्होंने बूढ़ी महिला के घर की भी तलाशी ली, पुलिस ने अपनी छानबीन में पाया कि वृद्ध महिला अकेले जीवन व्यापन करती है,  इसके अलावा उसका अपने किसी भी रिश्तेदार से कोई संपर्क नहीं है। यहां तक कि उसके कमरे में जाने की इजाजत भी वो किसी को नहीं देती थी। 

नोटबन्दी होने की कोई जानकारी नहीं थी

बता दें इस वृद्ध महिला का नाम थथा है, और इसके पास करीबन 30 हज़ार रुपये के नोट हैं जो इसने जमा कर रखे थे। वृद्ध महिला के अनुसार इसे 2016 में हुई नोट बंदी की उसे कोई जानकारी नहीं थी। 

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि ये पैसे उस बूढ़ी महिला की खरी कमाई के हैं, जिसे उसने मजदूरी करके मेहनत से कमाएं हैं। बूढ़ी महिला के अनुसार उसने यह पैसे लोगों के यहां काम करके, कबाड़ बेच कर तथा मजदूरी करके कमाए थे।

स्थानीय लोगों और नेताओं ने दिया मदद करने का आश्वासन

जांच टीम के अनुसार महिला के पास एक पुराना बैंक खाता है, मगर इसका उपयोग उसने कई सालों से नहीं किया है। वो जो भी कमा कर लाती थी उसे एक बोरे में डाल देती थी, यह बोरा ही उसके लिए बैंक थी। महिला ने अपने किसी रिश्तेदार को भी नहीं बताया था कि वो किसी बोरे में अपनी जमा पूंजी रखती है। पूरा मामला जब सामने आया तो  स्थानीय नेता और लोग सामने आए और उन्होंने बूढ़ी महिला को यह भरोसा दिलाया कि उसे जब भी पैसे की जरूरत होगी उसकी मदद की जाएगी। 

गौरतलब है कि इन दिनों ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें कई निर्धन लोग नोट बंदी के बारे में नहीं जानते थे और अब वे अपने पैसे बदलवाना चाहते हैं। सरकार को इस बारे में भी ध्यान देना चाहिए। 

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