कोरोना का कहरः खत्म हो जाने के बाद भी लौट आएगा ये जानलेवा वायरस!

बादलों को चीरकर ब्रह्मांड पर कब्ज़ा करने का ख्वाब देखने वाली इस दुनिया को 60 नैनोमीटर के वायरस ने घुटनों पर ला दिया है. जानकारी के लिए बता दें कि एक मीटर में 1 अरब नैनोमीटर होते हैं. ये जानलेवा वायरस इतना छोटा होता है कि पेन के एक नुक्ते या बिंदी में हज़ारों लाखों कोरोना वायरस समा सकते हैं.

  • क्या चीन में फिर लौटेगा कोरोना वायरस?
  • महामारी का 'ख़तरा' अभी भी बाकी है!
  • कोरोना से जंग में जुटी है पूरी दुनिया

पिछले कुछ दिनों से चीन में कोरोना के नए मामले सामने नहीं आ रहे हैं. उससे ऐसा लग रहा है कि चीन ने कोरोना पर काबू पा लिया है. मगर जानकार इसे इस वायरस का खात्मा नहीं मान रहे हैं. उनका मानना है कि सुनामी की लहरों की तरह ये फिर से पलट सकता है. पलट सकता है अगर हमने फिर से वही गलती दोहराई तो

बादलों को चीरकर ब्रह्मांड पर कब्ज़ा करने का ख्वाब देखने वाली इस दुनिया को करीब 60 nm यानी 60 नैनोमीटर के वायरस ने घुटनों पर ला दिया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक मीटर में 1 अरब नैनोमीटर होते हैं. ये जानलेवा वायरस इतना छोटा होता है कि पेन के एक नुक्ते या बिंदी में हज़ारों लाखों कोरोना वायरस समा सकते हैं. तो सोचिए भला इनसे आपको लड़ना है. लड़ पाएंगे?


कोरोना का क़हर आखिर कब तक?

60 नैनोमीटर का एक वायरस अगर पूरी दुनिया को घर में क़ैद कर सकता है. तो क्या ये इतनी आसानी से हमारा पीछा छोड़ देगा. जानकार मान रहे हैं कि अभी तो कोरोना अपने चरम पर भी नहीं पहुंचा है. अब सवाल ये है कि चीन और इटली को तबाह कर चुके इस जानलेवा वायरस के बाद अब वहां क्या होगा. इटली तो फिलहाल अभी भी इससे जूझ ही रहा है. मगर चीन का दावा है कि उसने इस पर काबू पा लिया है. तो क्या ये मान लें कि अब ये वायरस चीन में फिर लौट कर नहीं आएगा. जानकार ऐसा कतई नहीं मानते है.

क्या बार बार हमला करेगा कोरोना?

दरअसल, ये तो कोरोना का अभी पहला चरण था. अभी और चरण बाकी हैं. महामारी कैसे फैलती है ये जानने के लिए इतिहास में कई उदाहरण हैं. 1918 से 1920 के बीच 3 चरण में स्पैनिश फ्लू ने 5 करोड़ लोगों की जान ले ली थी. महामारी विज्ञान के विशेषज्ञ एंटनी फ्लैहॉल्ट के मुताबिक कोरोना का संक्रमण कितना ज़्यादा होगा, ये उससे बचाव के तरीकों जैसे क्वारंटाइन और मौसम पर निर्भर करेगा.

एंटनी का कहना है कि कोरोना के केसेज़ सामने ना आने का मतलब ये कतई नहीं होगा कि ये महामारी खत्म हो गई. ये सिर्फ अल्पविराम जैसा हो सकता है. जैसा चीन और दक्षिण कोरिया में हो रहा है. बहुत मुमकिन है कि इन देशों में कोरोना का फेज़-2 भी देखने को मिले. जिससे दोबारा से ये महामारी फैलने लगेगी.

ऐसी आशंका इसलिए है क्योंकि किसी महामारी के दौरान उठाए गए कदम अस्थाई होते हैं. और दोबारा ढील मिलते ही महामारी फिर से फैलना शुरु हो जाती है. ये तब तक फैलती है जब तक ये थर्ड इम्यूनिटी तक ना पहुंच जाए. कई बार इसमें कुछ महीने लगते हैं, तो कई बार साल भी लग जाते हैं.